चलते-चलते थोड़ा आराम भी है जरूरी : गुड़िया झा
जिंदगी बहुत ही खूबसूरत है। इस
बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि इसमें बहुत उतार चढ़ाव भी आते हैं। कई बार हम इतने मजबूर भी हो जाते हैं कि परिस्थितियों पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं होता है। फिर भी अपनी सोच और नजरिये को बदलकर संघर्ष के बीच भी थोड़े से ठहराव से इसे आनंदमय बनाया जा सकता है।
हम जो चाहते हैं वह हमें नहीं मिलता है। नतीजा हमारा मानसिक तनाव बढ़ता है और हम परेशान हो जाते हैं। जिन चीजों पर हमारा नियंत्रण नहीं है उसके पीछे परेशान होने से हम अपनी समय और ऊर्जा दोनों को ही बर्बाद करते हैं। खूबसूरती केवल मंजिल में ही नहीं वहां तक पहुंचने वाले रास्ते में भी है। हम खुद को संभाल लेते हैं, तो जहां भी होते हैं वहां भी बहुत कुछ पा सकते हैं और उसमें भी आंनद का अनुभव किया जा सकता है।
हमेशा तनाव, बेचैनी और जल्दीबाजी कई बार हमारा सुकून छीन लेती है। आज का हमारा यह खूबसूरत पल एक-एक कर हाथ से निकलता जा रहा है। तो क्यों न हम इसका भरपूर आनंद लें।
1 हर कार्य जरूरी है तो थोड़ा सुकून भी।
भागदौड़ और व्यस्त जीवनशैली में कार्य की प्राथमिकता जरूरी है जिसके कारण हम लगातार परेशान और बेचैन रहते हैं। तो इसके बीच में थोड़ा ठहराव भी जरूरी है। बहुत कुछ पाकर आराम की जिंदगी गुजारना भला किसे पसंद नहीं है। इन सबके पीछे हम इतना परेशान भी होते हैं कि कभी-कभी यह भूल जाते हैं कि ईश्वर ने जिंदगी जीने के लिए बहुत कुछ दिया भी है।
यह बात भी जरूरी है कि पैसा हमारी बुनियादी जरूरतों को पूरा करता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पैसों के पीछे हम अपनी जिंदगी का हर पल कुर्बान कर दें। किसी तरह मंजिल तक पहुंच जाना ही काफी नहीं है। जीवन की इस यात्रा का आनंद भी लें।
1 चलते रहें हार न मानें।
कामयाबी मिलने पर हिम्मत तो बढ़ती है। लेकिन अगर कभी असफलता हाथ लगती है तो हम विचलित हो जाते हैं। कहते हैं कि असफलता सफलता की सीढ़ी है। इसे पार कर आगे बढ़ना अपने अनुभवों को बढ़ाना है। असफलता हमें किन कारणों से मिली इस पर ध्यान देकर उसमें सुधार की प्रक्रिया को बढ़ाया जा सकता है।
कई बार लोगों की तीखी आलोचनाएं हमारे हौसले को कम करती है। इस बात को हमेशा ध्यान रखें कि प्रत्येक अच्छे कार्यों में बाधाएं आती ही हैं। अपनी दिशा पर भरोसा रखें। गति धीमी ही सही लेकिन उस ओर बढ़ते रहें।
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