Wednesday, 17 January 2024

आहार शुद्ध होगा तो चित्त शुद्ध होगा - महामंडलेश्वर

राची, झारखण्ड  | जनवरी  | 17, 2024 ::
* श्री रामकथा का पंचम दिवस
कथावाचक :- महामंडलेश्वर स्वामी डॉ उमाकांतानंद सरस्वती जी महाराज

* हनुमत वैदिक पूजन के प्रतिदिन के यजमान राकेश भास्कर ने सपत्नी पूजन किया।

आज की कथा के यजमान राज किशोर सिंह सपत्नी ममता देवी ने ब्यास पूजन,माल्यार्पण,चंदन वंदन किया।

* संस्कारो व आदतों का मनुष्य गुलाम है - महामंडलेश्वर

* आहार शुद्ध होगा तो चित्त शुद्ध होगा- महामंडलेश्वर


मेन रोड संकट मोचन के संत त्यागी बाबा ने गुरु जी को माल्यापन किया कथा अमृत वर्षा का लाभ प्राप्त किया
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हरिद्वार धाम से पधारे श्री श्री 1008 जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी डॉक्टर उमाकांतनंद सरस्वती जी महाराज के पावन सानिध्य में अयोध्या में श्री राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर झारखंड की राजधानी  रांची के हरमू मैदान में श्री राम कथा का यह आयोजन किया जा रहा है।
हम सभी लोगों के लिए परम सौभाग्य की बात है की श्री मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के पावन कथा के श्रवण की अमृत वर्षा का लाभ परम पूज्य स्वामी डॉ उमाकांतनंद सरस्वती जी महाराज के मुखारविंद से प्राप्त हो रहा है।
व्यास पीठ पर पवित्र ग्रंथ श्री रामायण का पूजन, वंदन, माल्यार्पण मुख्य यजमान राज किशोर सिंह सपत्नी ने किया।
ब्यास पीठ पर विराजमान स्वामी जी को चंदन ,वंदन ,माल्यार्पण और आरती के बाद महाराज जी कथा अमृत वर्षा का लाभ देते हुए कहा।
भजन:- मंगल भवन आ मंगलहारी से कथा प्रारम्भ करते हुए उन्होंने कहा कल भगवान के जन्म की कथा सुनाई अयोध्या में खूब उत्सब हो रहा था।सभी देवी देवता वहाँ पधारे थे। उत्सब ऐसा की एक महीना भी एक दिन के बराबर लग रहा था। उन्होंने संसार मे घड़िया होती है एक सुख दूसरी दुख की घड़ी।
भगवान भोलेनाथ यह कथा सुनाते हैं।भगवान के नाम करण का नंबर आया
नामकरण एक संस्कार है । हमारा दायित्व क्या है हम क्या करने आये है।उन्होंने बताया सोलह संस्कार की परंपरा रही है।संस्कारो व आदतों का मनुष्य गुलाम है।
शिक्षा व विद्या के अंतर की विशेषता बताई उन्होंने कहा संस्कारी ज्ञान किताबो से नही जीवन के अनुभव से प्राप्त हुआ आज पूरे समाज मे शिक्षा तो दी जाती है लेकिन विद्या का अभाव है।परिवार परिवार जुड़कर समाज बनता है और पूरा समाज जुड़कर राष्ट्र  बनता है।
सरस्वती मा की वंदना कर कहा
शिक्षक को भी अपनी गरिमा का ख्याल रखते हुए विद्या का बोध कराना चाहिए।
जनेऊ हर ब्यक्ति को धारण करना चाहिए।जनेऊ यग्यो पवित है। सात्विक जीवन मनुष्य के लिए जरूरी है। हिन्दुओ की संस्कृति यही पैदा हुई है तो हिन्दुओ का मूल स्थान हिंदुस्तान है।आहार शुद्ध होगा तो चित शुद्ध होगा।
संत के सम्मान को बताया कहा किसी के घर मे सच्चे संत का आना सौभाग्य की बात है।
हमारी संस्कृति त्याग और बलिदान की संस्कृति है।
चरित्र और आदर्शो के लिए हमारे संतो ने बलिदान दिया।
भगवान के कार्य करते हुए कोई दिवंगत हो जाय स्वर्ग की प्राप्ति है।

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इसके पूर्व मंच पर आज के यजमान राज किशोर सिंह सपत्नी व राकेश भास्कर सपत्नी व उनके परिवार के द्वारा  व्यास जी की आरती की गई ।
इस अवसर पर सांसद समीर उरांव, विधायक सी पी सिंह ,सूर्यमणि सिंह, अध्यक्ष राकेश भास्कर,  राज किशोर सिंह, वीरेंद्र सिंह, अजय सिंह, सुरेश सिंह ,प्रमोद सारस्वत, धर्मेंद्र तिवारी, ,अरुण सिंह,मनोज सिंह, शत्रुघन प्रसाद( मुंबई) बम शंकर दुबे,डॉ किशल्य किशोर (मुंबई) राजीव चौधरी, फारूक खान ने गुरु जी को माल्यार्पण कर स्वागत ,अभिनंदन किया।
कथा  स्थल पर लोगो के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
मुख्य रूप से प्रमोद सारस्वत ,नवीन झा,राजीव चौधरी,पुनीत, नीरज शुक्ला, बिपिन सिंह,मुन्ना सिंह , रितेश झा ,सहित कई लोग निरंतर अपनी सेवा दे रहे है।
हजारो की संख्या में  लोगों ने कथा श्रवण किया।
प्रवक्ता प्रमोद सारस्वत ने बताया श्री राम कथा 21 जनवरी 2024 तक  दोपहर 3 बजे से 7 बजे तक चलेगी ।
22 जनवरी हरमू मैदान में हवन व भंडारा का आयोजन रखा गया है।

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