Thursday, 18 January 2024

भागवत भास्कर संत शिरोमणि श्री श्री 1008 स्वामी सदानन्द जी महाराज को पी एच डी की मानद उपाधि से अलंकृत

राची, झारखण्ड  | जनवरी  | 18, 2024 :: 
एम आर एस श्रीकृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट राँची एव स्वामी सदानंद प्रणामी चैरिटेबल ट्रस्ट (रजि•) दिल्ली शाखा राँची के संस्थापक एव संरक्षक संत शिरोमणी श्री श्री 1008 स्वामी सदानंद जी महाराज को हरियाणा राज्य के भिवानी में होने वाले चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम मे हरियाणा के राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय नें परमहंस संत सदानंद महाराज को डाक्टरेट आफ फिलाॅसफी की मानद उपाधि से अलंकृत किया। संत  सदानंद महाराज को हरियाणा के राज्यपाल के हाथो मिली डाक्टरेट आफ फिलाॅसफी की उपाधि से सम्मानित किये जाने से स्वामी जी के अनुयायी एवम सभी संतों समाजिक संगठनो मे खुशी का माहोल है।

संत शिरोमणि श्री सदानन्द जी महाराज को आपके द्वारा किये जा रहे अनवरत निस्वार्थ जनकल्याण, आत्मजागरण, सत्य सनातन धर्म उत्थान, सनातन संस्कृति की रक्षा, शिक्षा एवं स्वाथ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान, कन्या विवाह, मंदिर, गौशाला, धर्मशाला निर्माण एवं और विभिन्न सेवाओं को देखकर उन्हे डाक्टरेट आफ फिलाॅसफी की मानद उपाधि प्रदान की गई।

हरियाणा राज्य के जिला भिवानी में 1 अगस्त 1945 में खंडेलवाल ब्राह्मण परिवार में जन्म लेकर पहले शिक्षक एवं सैनिक पद से 1971 में सेवा निवृत्त होकर 20 जनवरी 1972 को बसन्त पंचमी के शुभ अवसर पर संन्यास ग्रहण किया । उन्होंने अभी तक 2203 श्रीमद्भागवत कथा, लगभग 80000 पोलियो ऑपरेशन,125000 गरीब कन्याओं का विवाह,150 गौशाला निर्माण, लगभग 150000 गौ पालन, अनेक स्कूल, कॉलेज,15 से अधिक आश्रम, अनेक मन्दिर एवं धर्मशालाओं का निर्माण कराना 51 पंछी आश्रय बनाने का प्रण करना अभी तक 16 मंदबुद्धि विकलांगों एव रास्ते मे गिरे रोगीयों को अपने अपना घर आश्रम मे लाकर उनका समुचित इलाज करा कर आश्रम में रखना। कोविड काल में प्रधानमंत्री कोष में रु• 1,25,25525/= झारखंड, उडीसा, उत्तर प्रदेश, बंगाल सभी राज्यों को रु•1100000/= लाख का अनुदान दिया गया।


       

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